छिपकली से जुड़े शकुन-अपशकुन -छिपकली एक ऐसा जीव है जिसे हम प्रायः हर घर में दीवारों पर रेंगते हुए देखते हैं। भले ही छिपकली जहरीली मानी जाती है, लेकिन यह प्राणी शांतिप्रिय होता है। छिपकली के काटने की घटनाएं बहुत ही दुर्लभ होती हैं, फिर भी यह कई लोगों के लिए डर और घृणा का कारण बनती है। छिपकली से जुड़े शकुन-अपशकुन की मान्यताएं प्राचीन काल से चली आ रही हैं। शकुन शास्त्र में छिपकली की गतिविधियों को भविष्य कथन से जोड़कर देखा गया है।
Table of Contents छिपकली से जुड़े शकुन-अपशकुन
हिन्दू शास्त्रों में छिपकली का महत्वपूर्ण स्थान है और इसे मां लक्ष्मी के प्रतीक के रूप में माना जाता है। विशेष रूप से यदि घर में छिपकली दिखे तो इसे शुभ संकेत माना जाता है, क्योंकि यह लक्ष्मी के आने का संकेत माना जाता है। इसके अलावा, शकुन शास्त्र में यह भी कहा गया है कि छिपकली के गिरने की दिशा और स्थान से शुभ और अशुभ घटनाओं का पूर्वानुमान किया जा सकता है।
जैसे यदि छिपकली दाहिने हाथ पर गिरे, तो यह किसी अच्छे शुभ समाचार का संकेत हो सकता है, जबकि बाएं हाथ पर गिरने से किसी परेशानी या अशुभता का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, छिपकली का आवाज करना भी कभी-कभी किसी विशेष घटना के होने का संकेत हो सकता है।
इसलिए छिपकली को सिर्फ एक साधारण जीव समझने के बजाय, शास्त्रों के अनुसार इसे एक संकेतक के रूप में देखा जाता है जो व्यक्ति के भविष्य के बारे में कुछ विशेष जानकारी दे सकता है।
छिपकली से जुड़े शकुन-अपशकुन
छिपकली का गिरना शकुन शास्त्र में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। अक्सर छत या दीवार पर चलने वाली छिपकली गलती से नीचे गिर जाती है। यदि छिपकली किसी व्यक्ति के शरीर के किसी हिस्से पर गिरती है, तो इसे शुभ या अशुभ संकेत माना जाता है। इसे “छिपकली पात” कहा जाता है।
पुरुष और स्त्रियों के लिए छिपकली गिरने के संकेत
शकुन शास्त्र के अनुसार, छिपकली का किसी व्यक्ति के शरीर के किस हिस्से पर गिरना शुभ-अशुभ फल देता है।
- पुरुषों के लिए:
- शरीर के दाएं हिस्से पर छिपकली का गिरना शुभ माना जाता है।
- शरीर के बाएं हिस्से पर छिपकली का गिरना अशुभ संकेत देता है।
- स्त्रियों के लिए:
- शरीर के बाएं हिस्से पर छिपकली का गिरना शुभ होता है।
- शरीर के दाएं हिस्से पर गिरना अशुभ संकेत देता है।
शरीर के विभिन्न अंगों पर छिपकली गिरने के शकुन
- सिर पर छिपकली का गिरना
- शकुन: यदि छिपकली सिर पर गिरती है, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। यह धन प्राप्ति का संकेत है।
- नाक पर छिपकली का गिरना
- शकुन: नाक पर छिपकली गिरने से जातक के मान, पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। यह अत्यंत शुभ संकेत है।
- कान पर छिपकली का गिरना
- शकुन: यदि छिपकली कान पर गिरे, तो यह स्वास्थ्य लाभ और धन प्राप्ति का संकेत देता है।
- मुख पर छिपकली का गिरना
- शकुन: मुख पर छिपकली गिरने से जातक को अनाज के लाभ की संभावना रहती है। इसे स्वादिष्ट भोजन प्राप्ति का संकेत भी माना जाता है।
- गर्दन पर छिपकली का गिरना
- शकुन: गर्दन पर छिपकली गिरने से जातक को किसी प्रकार के लाभ की प्राप्ति होती है। यह शुभ संकेत है।
- पेट पर छिपकली का गिरना
- शकुन: पेट पर छिपकली गिरने का अर्थ है कि व्यक्ति को स्वादिष्ट भोजन मिलेगा। यह सुखद संकेत है।
- हाथ पर छिपकली का गिरना
- शकुन: हाथ पर छिपकली गिरने से सफलता और समृद्धि प्राप्त होती है।
- पैर पर छिपकली का गिरना
- शकुन: पैर पर छिपकली गिरना यात्रा के संकेत देता है। यह शुभ या अशुभ दोनों हो सकता है, यात्रा के उद्देश्य पर निर्भर करता है।
छिपकली के अन्य शकुन-अपशकुन
छिपकली केवल गिरने से ही नहीं, बल्कि उसकी अन्य गतिविधियों से भी भविष्यवाणियां की जाती हैं।
- छिपकली की आवाज -यदि छिपकली बार-बार आवाज करती है, तो इसे किसी नए मेहमान के आगमन या शुभ समाचार का संकेत माना जाता है।
- छिपकली का लड़ना -यदि दो छिपकलियां आपस में लड़ती हैं, तो इसे झगड़े या विवाद का संकेत माना जाता है।
- छिपकली का दिखना -घर में छिपकली का दिखना सामान्य बात है, लेकिन यदि अचानक से बहुत सी छिपकलियां दिखें, तो यह किसी अशुभ घटना का संकेत हो सकता है।
- छिपकली का रंग बदलना -यदि छिपकली का रंग बदलता है, तो यह जीवन में बदलाव या अप्रत्याशित घटना का संकेत देता है।
देश-विदेश में छिपकली से जुड़ी मान्यताएं
छिपकली से जुड़ी मान्यताएं न केवल भारत में, बल्कि विश्व के कई अन्य देशों में भी प्रचलित हैं।
भारत में छिपकली की मान्यताएं
- दक्षिण भारत में, छिपकली गिरने के शकुन-अपशकुन पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
- तमिलनाडु में इसे “कप्पु” कहा जाता है और विस्तृत भविष्यवाणियां की जाती हैं।
विदेशों में छिपकली की मान्यताएं
- इंडोनेशिया: छिपकली को घर में समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
- थाईलैंड: छिपकली की आवाज को शुभ संकेत माना जाता है।
- चीन: छिपकली को भाग्य और समृद्धि से जोड़ा जाता है।
छिपकली से जुड़े शकुन-अपशकुन के आधुनिक दृष्टिकोण क्या है ।
भले ही छिपकली से जुड़ी मान्यताएं प्राचीन काल से चली आ रही हैं, लेकिन आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इनका कोई ठोस आधार नहीं है। छिपकली के व्यवहार और गतिविधियों को पर्यावरणीय परिस्थितियों के आधार पर समझा जा सकता है।
- छिपकली का गिरना: यह अक्सर छत या दीवार पर रेंगने के दौरान संतुलन खोने के कारण होता है।
- छिपकली की आवाज: यह छिपकली के संचार का माध्यम हो सकता है।
उपसंंहार-छिपकली से जुड़े शकुन-अपशकुन
छिपकली से जुड़े शकुन-अपशकुन भारतीय परंपरा और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। ये मान्यताएं हमारे पूर्वजों की आस्थाओं और विश्वासों को दर्शाती हैं। हालांकि, इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हैं। छिपकली के शकुन-अपशकुन को मानना या न मानना पूरी तरह से व्यक्तिगत विचारधारा पर निर्भर करता है।
छिपकली को केवल डर और घृणा की दृष्टि से देखने के बजाय, इसे प्रकृति का एक हिस्सा मानकर उसकी उपयोगिता और उसके अस्तित्व का सम्मान करना चाहिए। शकुन शास्त्र हमें जीवन में संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देता है।
छिपकली से जुड़े शकुन-अपशकुन: FAQ
1. हिन्दू शास्त्रों में छिपकली का क्या महत्व है?
2. छिपकली गिरने के क्या-क्या शकुन होते हैं?
3. पुरुषों और स्त्रियों के लिए छिपकली गिरने के संकेत क्या होते हैं?
दाएं हिस्से पर गिरना शुभ होता है।
बाएं हिस्से पर गिरना अशुभ संकेत देता है।
स्त्रियों के लिए:
बाएं हिस्से पर गिरना शुभ होता है।
दाएं हिस्से पर गिरना अशुभ संकेत देता है।
4. शरीर के किस भाग पर छिपकली गिरने से क्या संकेत मिलते हैं?
नाक पर गिरना: मान, पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि।
कान पर गिरना: स्वास्थ्य लाभ और धन प्राप्ति।
मुख पर गिरना: अनाज लाभ और स्वादिष्ट भोजन प्राप्ति।
गर्दन पर गिरना: किसी प्रकार के लाभ की प्राप्ति।
पेट पर गिरना: स्वादिष्ट भोजन का संकेत।
हाथ पर गिरना: सफलता और समृद्धि।
पैर पर गिरना: यात्रा का संकेत।
5. छिपकली की अन्य गतिविधियों के क्या संकेत होते हैं?
दो छिपकलियों का लड़ना: झगड़े या विवाद का संकेत।
अचानक बहुत सारी छिपकलियां दिखना: किसी अशुभ घटना का संकेत।
छिपकली का रंग बदलना: जीवन में बदलाव या अप्रत्याशित घटना का संकेत।
6. क्या छिपकली से डरना चाहिए?
Shiv Chandra Jha Mo:- 9631487357 Shiv.Chandra@praysure.in
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