शिवपुराण के अनुसार शिवलिंग पर अभिषेक एवं पूजन का महत्व

शिवपुराण के अनुसार शिवलिंग पर अभिषेक एवं पूजन का महत्व

शिवपुराण के अनुसार शिवलिंग पर अभिषेक एवं पूजन का महत्व –शिवपुराण में भगवान शिव की पूजा और अभिषेक का बहुत विस्तृत और गूढ़ महत्व बताया गया है। भगवान शिव, जिन्हें संहार और सृजन दोनों का अधिपति माना जाता है, उनकी आराधना विशेष फलदायी मानी गई है। हिंदू धर्म में शिवलिंग पर विभिन्न द्रव्यों और पुष्पों से अभिषेक करने की परंपरा बहुत प्राचीन काल से चली आ रही है। प्रत्येक पदार्थ का अपना विशिष्ट प्रभाव होता है, जिससे भक्तों को मनचाहा फल प्राप्त होता है। शिवपुराण में विस्तार से बताया गया है कि कौन-सा द्रव्य या पुष्प भगवान शिव को अर्पित करने से कौन-सा फल मिलता है। श्रद्धालु भक्तों के लिए यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वे अपनी इच्छाओं और आवश्यकताओं के अनुसार शिवलिंग पर किस सामग्री का अर्पण करें।

शास्त्रोक्त श्लोक

जलेन वृष्टिमाप्नोति व्याधिशांत्यै कुशोदकै।
दध्ना च पशुकामाय श्रिया इक्षुरसेन वै।।
मध्वाज्येन धनार्थी स्यान्मुमुक्षुस्तीर्थ वारिणा।
पुत्रार्थी पुत्रमाप्नोति पयसा चाभिषेचनात।।

अभिषेक के लिए विभिन्न द्रव्यों का प्रभाव

अभिषेक सामग्रीप्राप्त फल
जलवृष्टि (बारिश) होती है
कुशा जलरोग एवं दुखों से मुक्ति
दहीपशु, भवन एवं वाहन की प्राप्ति
गन्ने का रसलक्ष्मी की प्राप्ति
मधु (शहद)धन वृद्धि एवं पाप नाश
तीर्थ जलमोक्ष की प्राप्ति
इत्र मिश्रित जलरोगों का नाश
दूधपुत्र प्राप्ति एवं प्रमेह रोग नाश
गंगा जलज्वर (बुखार) शांति
शर्करा मिश्रित दूधसद्बुद्धि प्राप्ति
घीवंश वृद्धि
सरसों का तेलशत्रु नाश
शुद्ध शहदपापों का नाश

शिवलिंग पर अनाज चढ़ाने के लाभ

अनाज/पत्ता/अन्य सामग्रीप्राप्त फल
कच्चे चावलधन-संपत्ति की प्राप्ति
जौपरेशानियों से मुक्ति
शमी के पत्तेसमस्त दुखों से मुक्ति
गेहूंसुयोग्य पुत्र की प्राप्ति
गन्ने का रससभी सांसारिक सुखों की प्राप्ति
गाय का दूधमानसिक व शारीरिक बल
शहदटीबी एवं मधुमेह में राहत
तिलपापों का नाश

शिव पूजन में विभिन्न पुष्पों का महत्व

पुष्प का नामप्राप्त फल
लाल व सफेद आंकड़े के फूलभोग और मोक्ष की प्राप्ति
चमेली के फूलवाहन सुख
अलसी के फूलभगवान विष्णु की कृपा
शमी पत्रमोक्ष की प्राप्ति
बेला के फूलशुभ लक्षणों वाली पत्नी
जूही के फूलघर में अन्न की कमी नहीं होती
कनेर के फूलनवीन वस्त्रों की प्राप्ति
हरसिंगार के पुष्पसुख-समृद्धि में वृद्धि
धतूरे के पुष्पसुयोग्य पुत्र प्राप्ति
लाल डंठल वाला धतूरापूजन में विशेष शुभ
दूर्वा (दूब घास)आयु वृद्धि

निष्कर्ष

शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव का अभिषेक और पूजन विभिन्न सामग्रियों से करने पर मनुष्य को अलग-अलग शुभ फलों की प्राप्ति होती है। श्रद्धा और विधिपूर्वक शिवलिंग पर जल, दूध, घी, पुष्प आदि अर्पित करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। शिव की उपासना करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं, और शिव कृपा से मनुष्य को इच्छित फल की प्राप्ति होती है।

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हर-हर महादेव!

प्रो. शिव चन्द्र झा, के.एस.डी.एस.यू., दरभंगा में धर्म शास्त्र के प्रख्यात प्रोफेसर रहे हैं। उनके पास शिक्षण का 40 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Sanskrit भाषा पर गहन शोध किया है और प्राचीन पांडुलिपियों को पढ़ने में कुशलता रखते हैं।